Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

अंडमान-निकोबार में दिखी थी चीनी गुब्बारे जैसी चीज:2022 में सैन्य ठिकानों के पास घूमा था, ट्रेस नहीं हुआ; अब जांच होगी

Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023 : साल 2022 में भारत के अंडमान-निकोबार आईलैंड में भी एक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट देखा गया था। ये ऑब्जेक्ट बिलकुल उस चीनी बैलून की तरह दिख रहा था जैसा अमेरिका ने 5 फरवरी को 2023 को साउथ कैरोलिना में मार गिराया था। हालांकि, कोई नहीं जानता था कि अंडमान-निकोबार में दिखा ये ऑब्जेक्ट क्या है। भारत सरकार ने भी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था, लेकिन अब इसकी जांच की जाएगी।

Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

दरअसल, अमेरिका ने जिस बैलून को मार गिराया था, वो चीन का था और जासूसी कर रहा था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वो अंडमान-निकोबार आईलैंड में दिखे ऑब्जेक्ट के मामले में जांच करेंगे जिससे आने वाले खतरों का पता लगाया जा सके। साथ ही सेफ्टी प्रोटोकॉल्स में सुधार किए जा सकें।

पहले जानिए कहां दिखा था फ्लाइंग ऑब्जेक्ट : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

 

Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023
Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

फ्लाइंग ऑब्जेक्ट अंडमान-निकोबार आईलैंड में दिखा था। ये आईलैंड बे ऑफ बेंगाल में बने भारत के अहम सैन्य बेस के काफी करीब है। इन सैन्य बेस से मिसाइलों का परीक्षण होता है। इसके साथ ही दोनों आईलैंड मलक्का स्ट्रैट के नजदीक हैं। यहां से चीन और नॉर्थ एशियन नेशन्स को एनर्जी के साथ अन्य सामान सप्लाई किए जाते हैं।

2022 में ही जांच क्यों नहीं हुई थी : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा- फ्लाइंग ऑब्जेक्ट अचानक ही अंडमान-निकोबार आईलैंड में लोगों को दिखाई दिया था। ये किसी भी इंडियन रडार सिस्टम पर नहीं दिखा था। इसके पहले की हम ये पता करते कि ये ऑब्जेक्ट कहां से आया है या इसे मार गिराना है या नहीं, ये साउथ-ईस्ट ओशन में चला गया।

क्या हैं ये चीन के गुब्बारे? : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

भारत और अमेरिका में जिन जासूसी गुब्बारों को देखा गया, उसका इतिहास दूसरे विश्व युद्ध से शुरू होता है। ये कैप्सूल के आकार के होते हैं और कई मीटर लंबे होते हैं। इनका इस्तेमाल आमतौर पर मौसम से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया जाता रहा है।

चीन का जासूसी गुब्बारा 120 फीट चौड़ा और 130 फीट लंबा था। चीन का दावा है कि ये गुब्बारा भी मौसम की जानकारी जुटाने के लिए ही छोड़ा गया था।

इस तरह के गुब्बारे जमीन से 24 हजार से 37 हजार फीट की ऊंचाई पर आसानी से उड़ सकते हैं। हालांकि, चीन का यह गुब्बारा अमेरिका के ऊपर 60 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। ऐसे गुब्बारों की निगरानी करना बेहद मुश्किल काम है।

आम विमान भी 40 हजार फीट तक ही उड़ान भरते हैं, सिर्फ फाइटर जेट्स 65 हजार फीट तक जा सकते हैं। सिर्फ यू-2 जैसे कुछ और जासूसी विमान 80 हजार फीट की ऊंचाई तक जा पाते हैं।

कुछ गुब्बारों में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर या डिजिटल कैमरे लगे होते हैं, जो उनके रेजोल्यूशन के आधार पर बहुत सटीक तस्वीरें खींच सकते हैं। ये रेडियो सिग्नल और सैटेलाइट ट्रांसमिशन क्षमता से भी लैस होते हैं।

जासूसी गुब्‍बारे चीन की सेना से जुड़े हुए : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

एचआई सटन ने कहा कि वहीं एक चीनी गुब्‍बारा भी लैटिन अमेरिका के ऊपर चक्‍कर लगा रहा है जो अभी कोस्‍टा रिको और कोलंबिया के बीच में है। यह इस बात का पुख्‍ता सबूत है कि ये जासूसी गुब्‍बारे चीन की सेना से जुड़े हुए हैं। ये चीनी गुब्‍बारे पिछले एक साल से चक्‍कर लगा रहे हैं और उनका एक सेट पैटर्न भी है।

उन्‍होंने कहा कि यह जासूसी इससे पहले भारत के बेहद अहम नौसैनिक अड्डे अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर से भी उड़ान भर चुका है और उसकी तस्‍वीर भी सामने आई थी। भारत का यह द्वीप मलक्‍का स्‍ट्रेट के पास है जहां से चीन की गर्दन को दबोचा जा सकता है। चीन का ज्‍यादातर व्‍यापार इसी रास्‍ते से होता है।

उन्‍होंने खुलासा किया कि जनवरी 2022 में चीन के जासूसी गुब्‍बारे को अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्‍लेयर के ऊपर से उड़ान भरते हुए देखा गया था। चीन के इस जासूसी गुब्‍बारे की तस्‍वीर सोशल मीडिया में सामने आई थी लेकिन यह खुलासा नहीं हो सका था कि यह गुब्‍बारा किसका था। हालांकि तब भी चीन पर ही शक जताया गया था।

स्‍थानीय मीडिया संगठन अंडमान शीखा की 6 जनवरी 2022 की रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया था कि अब सवाल यह है कि किस एजेंसी ने आसमान में इस गुब्‍बारे को उड़ाया है और क्‍यों। अगर इस चीज को अंडमान में किसी एजेंसी ने नहीं उड़ाया है तो इसे जासूसी के लिए भेजा गया था?

जासूसी गुब्‍बारे को चीन दुनियाभर में उड़ा रहा : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

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अंडमान शीखा ने यह भी कहा था कि अत्‍याधुनिक सैटलाइट के इस दौर में कौन एक उड़ती हुई चीज से जासूसी करेगा। अमेरिका की घटना से अब यह खुलासा हो गया है कि चीन जासूसी गुब्‍बारे को दुनियाभर में उड़ा रहा है। इससे पहले फरवरी 2022 में भी इसी तरह के जासूसी गुब्‍बारे को अमेरिका के हवाई के पास देखा गया था और उसे मार गिराने के लिए अमेरिका ने अपने एफ-22 रैप्‍टर फाइटर जेट को भेजा था। हालांकि उस समय चीनी जासूसी गुब्‍बारे की तस्‍वीर सामने नहीं आई थी।

US का दावा- दुनियाभर के सैनिक ठिकानों पर स्पाई बैलून भेज रहा चीन : Chinese Balloon Like Thing Was Seen In Andaman-Nicobar 2023

अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी ने दावा किया है कि स्पाई बैलून के जरिए चीन दुनियाभर के देशों की मिलिट्री साइट्स पर नजर रख रहा है। पिछले कई साल से चीन ऐसा कर रहा है और वह अब तक पांच महाद्वीप के 12 देशों में इसी तरह के बैलून भेजकर खुफिया जानकारी जुटा चुका है।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि चीन ने स्पाई बैलून भेजकर भारत की जासूसी भी की है। इसके अलावा वह जापान, ताइवान और फिलिपींस के एयरस्पेस में भी घुसपैठ कर चुका है।पिछले कई सालों में चीन के जासूसी बैलून लैटिन अमेरिका, साउथ अमेरिका, साउथ ईस्ट एशिया, ईस्ट एशिया और यूरोप में भी देखे गए हैं।

 

 

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